हमारा निर्भय मेवाड़ हितेश सुथार
सलूम्बर।

जिलें के नोली में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया जिसमें सर्वप्रथम नोली पंचायत में सरपंच नानूराम मीणा व स्थानीय लोगों के द्वारा दिये प्रज्जवलित कर फूलों से सजाया गया और जयकारें लगाए। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारम्परिक झांकियों से गूंज उठे। जिलें के विभिन्न गांवों में आज विश्व आदिवासी दिवस बड़े उत्साह और पारंपरिक गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियाँ निकाली गईं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ और आदिवासी समाज की परम्पराओं का भव्य प्रदर्शन किया गया। नोली रन्देला बरोड़ा इंटाली के विभिन्न गावों में आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ शिरकत की। युवाओं ने पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से अपनी संस्कृति की झलक पेश की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्कूलों और सामाजिक संगठनों ने भी आदिवासी अधिकारों, संस्कृति और इतिहास पर आधारित नुक्कड़ नाटक व भाषण प्रस्तुत किए। कई गांवों में “आदिवासी एकता यात्रा” का आयोजन भी हुआ, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर भाग लिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर बात की और सरकार से विशेष योजनाओं की मांग रखी। नोली सरपंच नानू राम व कार्यकर्ता लष्मण मीणा व नाथूलाल मीणा नोली ने कहा, “विश्व आदिवासी दिवस हमारी पहचान और संस्कृति के सम्मान का दिन है। हमें अपने युवाओं को शिक्षित कर अपने हक के लिए जागरूक बनाना होगा।” दिनभर चले कार्यक्रम में लोगों ने सामूहिक भोजन का आनंद लिया और एकजुटता का परिचय दिया। बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
इस तरह विश्व आदिवासी दिवस ने सलूंबर जिलें के गांवों में न सिर्फ सांस्कृतिक चेतना को जीवित किया बल्कि समाज में एकजुटता और जागरूकता का संदेश भी फैलाया। जिसमें नाथूलाल मीणा नानूराम मीणा सरपंच नोली लष्मण मीणा राजेंद्र मीणा नारायण मीणा मुकेश्श मीणा नरेन्द्र मीणा रमनलाल मीणा जिसमें आदिवासी के युवा व बुजुर्ग महिलाऐं मौजूद रहें।



