हमारा निर्भय मेवाड़
प्रवीण उस्ता
सलूंबर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सलूंबर जिले के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को जिले के ग्राम बरोड़ा पहुंचे जहां उन्होंने जनजातीय समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजीलाल मीणा,संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी एवं जिला कलेक्टर अवधेश मीना, आयुक्त जनजाति विकास विभाग कन्हैयालाल स्वामी,अतिरिक्त जिला कलक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने अगवानी की ओर पुलिस के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक शान्ता अमृत लाल मीणा ने साफा और पुष्प भेट कर राज्यपाल महोदय का स्वागत अभिनंदन किया। इस दौरान एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार ने माननीय राज्यपाल महोदय को पेंटिंग भेट की।
थेट देशी अंदाज में राज्यपाल, खाट पर बैठकर किया संवाद
राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े का थेट देशी अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। राज्यपाल बागडे ने खाट पर बैठकर जनजातीय लाभार्थियों से संवाद किया एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सरकार की योजना का लाभ ले।
कार्यक्रम के दौरान एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय प्रेमनगर के छात्रों ने परंपरागत गैर नृत्य से राज्यपाल श्री बागड़े का स्वागत सत्कार किया। ओर लोक नृत्य आदिवासी रखवाला प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल ने जनजातीय लोगों से आत्मीयता से चार पाई पर बैठकर बातचीत की, उन्हें सुना और अधिकारियों को उनके कल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
लोक संस्कृति की झलक देखकर अभिभूत हुए राज्यपाल बरोड़ा में आयोजित रात्री चौपाल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के छात्र छात्राओं ने विभिन्न लोक नृत्य प्रस्तुत किए। लोक संस्कृति की झलक पाकर राज्यपाल अभिभूत हो उठे। खाट पर बैठकर मेवाड़ के प्रसिद्ध गवरी नृत्य को देखा। इन दिनों सवा महीने तक चलने वाली गवरी का राज्यपाल ने पूरी विस्तृत जानकारी ली और सवा महीने तक भील समाज किस तरह से नाट्य नृत्यानुष्ठान करते है उसके बारे में विस्तृत जाना।
गवरी के पात्रों व कलाकारों के नृत्यों को देख राज्यपाल अभिभूत हो गए। राज्यपाल बागड़े से मेवाड़ के कलाकारों की इस तरह से भूमिका देख खुद उनके साथ खड़े होकर ग्रुप फोटो ली।
शिक्षा से ही गरीबी दूर होगी:श्री बागड़े
बरोड़ा गांव में आयोजित जनजातीय समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए राज्यपाल श्री बागड़े ने कहा कि मेवाड़ की धरती वीरों की धरती है आदिवासी समाज ने महाराणा प्रताप को मुगलों के साथ युद्ध में बहुत सहायता की। उन्होंने कहा कि समाज के इन महान लोगों के योगदान को हमें भूलना नहीं है। राणा प्रताप आज भी हमारे दिल मे हैं। वैसे ही इन सभी को भी याद रखना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सतत उत्थान का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसलिए अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देवें और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करे और उच्च शिक्षा से पहले शादी नहीं करवाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कहावत है पूत सिखावे पालने, यहां जब पालने में बच्चा होता है तब से सीखना प्रारंभ कर देता है। अच्छी शिक्षा के लिए सरकार ने आवासीय छात्रावास भी बनाएं हैं, उनका ज्यादा से ज्यादा लाभ लें और यहां के बच्चे बड़े उच्च अधिकारी बनें। गरीबी दूर करनी है तो केवल शिक्षा से दूर हो सकती है इसलिए बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आप किसी से कम नहीं हैं, स्वयं को किसी से कम नहीं आंके। आप भी पढ़ाई के माध्यम से उच्च पदों तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने स्थानीय सरपंच से एवं आमजन से नशे और अन्य प्रकार के व्यसन से दूर रहने की अपील की। व्यसनमुक्त परिवार बनाएं,जो परिवार व्यसन मुक्त होगा उनके बच्चे भी आगे बढ़ेंगे तथा बौद्धिक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि और आरोग्य योजना के माध्यम से गरीब और आदिवासी समुदाय के लोग मुख्य धारा में जुड़ सकें, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के माध्यम से उच्च स्तर की शिक्षा निःशुल्क मुहैया करवाई जा रही है।
इस दौरान संभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजीलाल मीणा,आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलेक्टर अवधेश मीना, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव,आयुक्त जनजाति विकास विभाग कन्हैयालाल स्वामी,विधायक शान्ता अमृत लाल मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत, एसडीम जगदीश चन्द्र बामनिया सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



