जनजाति ग्रामों की विकास योजनाएं समुदाय के हिसाब से तैयार करें – जिला कलेक्टर
जनजाति गांवों को अधिकारी गोद लेकर मूलभूत विकास की दिशा में कार्य करें – कलेक्टर अवधेश मीना
अपना गांव-समृद्धि का सपना आदि कर्मयोगी अभियान के तहत डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब कार्यक्रम हुआ समापन
हमारा निर्भय मेवाड़ –
प्रवीण उस्ता –
सलूंबर 10 सितम्बर। आदि कर्मयोगी अभियान उत्तरदायी शासन कार्यक्रम, जनजातीय विकास और परिवर्तन के लिए व्यक्तियों एवं संस्थानों को सशक्त बनाने हेतु जिला स्तरीय प्रोसेस लेब (तीन दिवसीय) कार्यशाला बुधवार को जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में होटल वृंदावन में समापन हुआ।
कार्यशाला में एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान उत्तरदायी शासन कार्यक्रम हेतु जिले में चयनित ग्रामों में अंतिम छोर तक सेवा वितरण में तेजी लाने व जनजातीय विकास प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने तथा गेप फिलिंग हेतु संतृप्त स्तर तक प्रत्येक पात्र परिवार के व्यक्ति को समस्त विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सके। इस हेतु उक्त ग्रामों में सर्वे करवाकर पात्र परिवारों को सूचीबद्ध किया जाना है।
इस दौरान जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बताया कि जनजाति समुदाय के आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदान कर जनजाति समुदाय को लाभान्वित करें एवं जनजाति गांवों की विकास योजनाएं जनजाति समुदाय के हिसाब से तैयार कर ग्रामों का संपूर्ण विकास करें साथ ही , एक एक जनजाति गांव को अधिकारी गोद लेकर मूलभूत विकास की दिशा में कार्य करें। यह विचार जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने आदि कर्मयोगी अभियान के तहत डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब कार्यक्रम के समापन के अवसर पर व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के विकास और परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी पूरी क्षमता और कौशल का उपयोग करते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारना चाहिए। सभी मिलकर इस अभियान को जनहितकारी बनाएं, ताकि जनजातीय समुदाय आत्मनिर्भर बने और समग्र विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित कर सके।
जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि अभियान का लक्ष्य है कि जिले के अंतिम छोर तक हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जाए, जिससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए। यह पहल ग्राम स्तर पर योजनाओं एवं सेवाओं की बेहतर पहुँच, पारदर्शिता, जवाबदेही और नवाचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। सरकार की ओर से जनजातीय समुदाय के लिए चिन्हित सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक रूप से जुड़ा स्थानीय नेतृत्व तैयार किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच सके।
कलेक्टर अवधेश मीना ने समापन के अवसर पर कहां कि आदि कर्म योगी योजना के माध्यम से सभी मास्टर ट्रेनर जनजाति समुदाय के गांव में जाकर सरकार की योजनाओं को शत प्रतिशत प्रदान करने का कार्य करेंगे और जनजाति समुदाय से चर्चा कर विकास योजना बनाए जिससे कि उस क्षेत्र के लोगो लाभ हो सके।
कार्यक्रम के दौरान रात्रि चौपाल एवं नाट्य मंचन भी किया गया जिससे आमजन को जागरूक किया जाए एवं उनकी मूलभूत समस्याओं को पहचानकर अधिकारी स्वयं आमजन की तरह सोच कर समस्याओं को चिन्हित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य सामाजिक बुनियादी ढांचे में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के महत्वपूर्ण अंतराल को समाप्त करना है एवं आदि सेवा केन्द्र की स्थापना करना तथा आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य भविष्य में अनुसूचित जनजातियों के लिए चलने वाली विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग किया जाना एवं उस ग्राम में स्थित समस्त आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी, आदि साथी की समय समय पर बैठक किया जाना प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला कलक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने सभी कर्मयोगी अधिकारियों के इस जनजाती वर्ग के उत्थान हेतु उन्हें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु उनके सहयोगी के रूप में सहायक बनकर समाज की मुख्य धारा में लाने हेतु सभी आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों की तैयारी को परखा एवं जनजाती वर्ग के उत्थान में सहायक बनकर उन्हें सुविधाएं दिलाने हेतु सभी कर्म योगी अधिकारियों को प्रतिज्ञा दिलवाई गयी।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिवस में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजलक्ष्मी गहलोत ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति पत्र किए।
टीएडी विभाग वेद प्रकाश ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के जनजातीय समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुँचाते हुए उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। जनजातियों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने हेतु संकल्पित भाव से कार्य करें तथा जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में योगदान दें।
एसीएफ महेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि आदि कर्मयोगी जिसका मूल उद्देश्य जिले के जनजातीय समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को सुदृढ़ करना है। यह अभियान जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
इस दौरान एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, टीएडी विभाग वेद प्रकाश,एसीएफ महेंद्र सिंह चुंडावत, सीएमएचओ डॉ महेन्द्र परमार, अनुकूल खोखर सहित अन्य मास्टर ट्रेनर इत्यादि उपस्थित रहे।
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